Pages

Wednesday, February 23, 2011

फासला

वो तुझसे मिलके
हश्र में,
पूरी ना हो  जाये कहीं....?
थोड़ी सी है कमी
जो...
 मेरे गुनाह में......!!!
साफ कह दे
मुझसे
अगर गिला कोई है...?
"फैसला"
हमेशा फासले से...
बेहतर ही होता है....!!!

No comments:

Post a Comment