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Tuesday, March 15, 2011

मैं ..........!!!!!!!!!!!!

मैं तेरे वर्को में बिखरा हूँ
कभी वो पुरानी किताब खोलना तो
याद करना .....!!!



मैं कतरा कतरा
बरसात में बरसूँगा
जो कभी बारिशों में भीगो तो
याद करना ......!!!

मैं साँस साँस
तेरी यादो में बसा हूँ
जब सांस को उखाड़ता पाओ तो
याद करना .....!!!!

मैं लम्हा लम्हा
तेरी याद में जलता हूँ
कभी खुद को को खुद से खफा पाओ तो
याद करना ......!!!

मैं रात रात
तुझे रब से मांगता हूँ
कभी तुम भी हाथ उठाओ तो
याद करना........!!!

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