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Thursday, March 3, 2011

कभी तुम मिलने आओ

  
......तुम.....

कभी तुम मिलने आओ ना..
तुम्हे महसूस करना है.....!!!
तुम्हारे प्यार में खोकर
तुम्हारा हिस्सा बन जाना है.....!!!

तुम्हारी याद के साये.....
सोने नहीं देते हैं.........
ऐ बादल ,फूल और खुशबू....
बहुत बेचैन करते हैं.......!!!!

मुझे वीरान आँखों में
तुम्हारी बिखरी बातों से...
वफ़ा का रंग भरना है.....!!!
कभी तुम मिलने आओ ना
तुम्हे महसूस करना है.....!!!

हमारा बस होता तो
तुम्हे जाने नहीं देते...
नजर में दीद की हसरत लिए....
यूँ ही चुपचाप बैठे हैं......!!!
तुम्हारे मायूस चेहरे से
उदासी का मंजर हटाना है......!!!

कभी तुम मिलने आओ ना
तुम्हे महसूस करना है.....!!!
तुम्हारे प्यार में खोकर
तुम्हारा हिस्सा बन जाना है.....!!!

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