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Thursday, April 14, 2011

सुना है इस मोहब्बत में...




सुना है
इस मोहब्बत में...
बहुत
नुकसान होता है  .
महकता ,झूमता 
जीवन 
ग़मों के नाम 
होता है ......!!!
सुना है....
चैन खोकर वो  
सहर से 
शाम रोता है
मोहब्बत 
जो भी करता है 
बहुत 
बदनाम होता है ...!!!

 सुना है  
इस मोहब्बत में 
कही भी 
दिल नहीं लगता 
बिना उसके 
निगाहों को 
 कोई मौसम 
नहीं जंचता  ......!!! 
खफा जिस से 
मोहब्बत हो 
 वो जीवन भर 
 नहीं हँसता ........!!!
बहुत 
अनमोल है वो दिल 
उजड़ कर 
फिर नहीं बसता ....!!!
सुना है 
इस मोहब्बत में ..........
"बहुत  नुकसान  होता है.....!!!!!! "















7 comments:

  1. Please change background color.... Anand ji

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  2. anand ji apke poems really bahut achi hai i read them
    aur ha mujhe apse ek baat aur puchni hai if u can tell
    apke har post ke baad "you might also like" title se previous post show karte hai i also want to add this gadget to my blog mene bahut search kiya but mujhe ni mila pls agar aap bata sakte hai to mujhe link send kar dena ya tareeka bata dena @s.mrityunjay.1992@gmail.com

    me apki help ki asha karta hu
    thank you

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  3. बुहुत ही खूबसूरत ....
    कुछ कह सकूँ, तो मेरे पास आज शब्द नही हैं |
    किसी बेजान मे जान सी डालती हुई रचना है आपकी ...
    आप निरन्तर ऐसे ही लिखते रहें,यही आशा करती हूँ ,
    जय श्री राधे !

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  4. मृत्युंजय भाई ..सादर नमस्कार...!!! मुझे यह लिखते हुए बड़ा गर्व हो रहा है ...की आप की आप की तरह मेरी एक अभिन्न मित्र है....उन्होंने ये ब्लॉग बनाकर मुझे मेरे जन्म दिवस पर इसी साल जनवरी में भेंट किया था ....अब मुझे उन्हें पूछना है की ये बाई डेफौल्ट है या इसके लिए कुछ सेटीन्ग्स हैं....दरअसल मुझे बहुत कम समय होता है यहाँ पे आने का तकरीबन २० से २५ मिनट ..और कम्पुटर में मेरा हाथ कुछ तंग भी है....मैं जो भी करता हूँ उनकी राय से या उन्हें पूछ के ही करता हूँ.... मैं उन्हें अवश्य संपर्क करूँगा .. और जो भी हो सकेगा आपको यथोचित सलाह दूंगा ..आपका शुक्रिया...!!

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  5. anand ji apka bahut bahut sukriya ki apne mere comment ka reply kiya please agar pata chale to mujhe batana kyuki by default settings mene kar ke dekh li but ye nai ata
    ny way keep writting i love your poemss

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  6. Aggrawal Ji Mujhe Asha Khusee haiu ki aap ki Samshya ka Samadhan ho gaya hai......!!!
    Mere sabhi Padhanewalo Ko Mera Dhanywad.....!!!

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  7. ha anand ji meri samasya ka samadhan ho gaya hai apne sayad mere blog me dekha bhi ho

    apka bhi dhanyawad

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