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Thursday, April 28, 2011

फरक नहीं पड़ता .....!!!



तुम्हे,                                  
फरक नहीं पड़ता .....!!!

मै 
तुमसे रूठ  जाऊं तो,
तुम्हारे ,
पास न आऊं तो .....
फिर
तुमसे दूर जाकर मैं...
कभी ,
वापस न आऊं तो.....
तुम्हारी ,
याद में गुमसुम
कभी
आंसू बहाऊँ तो ...
तुम्हे फरक नहीं पड़ता........!!!
तुम्हारे,
प्यार में  अक्सर ...
खुद  को भूल जाऊं  तो ....


मैं
तेरी दीद में तनहा
कभी ,
खुद को मिटाऊँ तो....
मै
तुमसे  दूर रहकर फिर ...
अकेले
मर भी जाऊं तो........!!!!


....." तुम्हे फरक नहीं पड़ता....."


 

1 comment:

  1. fark to padta hai lekin jatane ki himmat bhi chahiye
    marne ke baad apke use jeene ki wajah bhi chahiye
    jab abhi bhi bina apke ek pal na gujar paye wo
    apke is duniya se jane ki khabar sun ke kaise jee paye wo

    .....

    nice written anand ji

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