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Monday, May 2, 2011

....बिछड़ने वाले ....!!!



....बिछड़ने वाले ....!!!
मुझ से बिछड़ने वाले सुन....!!!

मेरे बिस्तर  से
उतार  दुःख मेरे ...!!!
मैंने
एक उम्र इसी बिस्तर पे
अपनी
नीदों से किनारा कर के
तेरी नींदों की
हिफाज़त की है....!!!

आज
आसाब ..शिकस्ता हैं मेरे
नींद भी
जिद पे उतर आई है....
मै,
जो हर रात तेरे पहलू में
एक करवट पे
पड़ा रहता था.........
आज
आसूदा.....बदन सोने दे......!!!
आज की रात ...
सिर्फ आज की रात
पूरे बिस्तर पे मुझे
सोने दे......


मुझ से बिछड़ने  वाले सुन.....!!!!!!



  

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