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Thursday, April 28, 2011

फरक नहीं पड़ता .....!!!



तुम्हे,                                  
फरक नहीं पड़ता .....!!!

मै 
तुमसे रूठ  जाऊं तो,
तुम्हारे ,
पास न आऊं तो .....
फिर
तुमसे दूर जाकर मैं...
कभी ,
वापस न आऊं तो.....
तुम्हारी ,
याद में गुमसुम
कभी
आंसू बहाऊँ तो ...
तुम्हे फरक नहीं पड़ता........!!!
तुम्हारे,
प्यार में  अक्सर ...
खुद  को भूल जाऊं  तो ....


मैं
तेरी दीद में तनहा
कभी ,
खुद को मिटाऊँ तो....
मै
तुमसे  दूर रहकर फिर ...
अकेले
मर भी जाऊं तो........!!!!


....." तुम्हे फरक नहीं पड़ता....."


 

Monday, April 25, 2011

तुम भी अजीब हो




 तुम भी अजीब हो .....


अंधेरी रात में 

शमा जलाना भूल जाते हो 

हमारी याद आती है 

बताना भूल जाते हो.....!!! 


तुम्हारी एक ये आदत 

परेशान हमको करती है

नजर में आ जाते हो,

शमा जलाना भूल जाते हो...!!!


तुम्हारे हाथ में अक्सर 

गुलाबी  फूल देखा है   

हमारी राह में अक्सर 

बिछाना भूल जाते हो.....!!!


तुम्हें  तो लौट जाने की 

अक्सर फ़िक्र रहती है 

मगर जब लौट जाते हो 

 तो आना भूल जाते हो......!!! 

सुना है तुम हथेली पर 


हमारा नाम लिखती हो 


मगर जब हम से मिलते

हो 


दिखाना भूल जाते  

हो.....!!!



" तुम भी अजीब

हो......!!!"

Saturday, April 23, 2011



तू क्या जाने
...पगली कोयल ...!!!
कौन मुझे
तड़पाता है......?
जागी सोई आँखों वाला
दिल में
उतरता जाता है ....!!!

कितने कोमल कोमल
चेहरे
मेरी राह में आये हैं....
लेकिन वो
मासूम सा चेहरा                       
सपनो में आ जाता है ........!!!

उसका दर्द
छुपा  कर दिल में
गज़ले
लिखता रहता हूँ....
हर मोसम की पहली बारिश
उसकी खुशबू लाती है
बाद-ऐ-शबा का
हर एक झोंका
उसकी याद दिलाता है......!!

तू क्या जाने....?
............पगली कोयल...!!!!!

कौन मुझे तड़पाता है.....?





 

Tuesday, April 19, 2011

तन्हा तन्हा सी रात

तन्हा
तन्हा सी रात 
और
तन्हा तन्हा से हम....

अफसुर्दा
अफसुर्दा यादे
भीगे
भीगे से मौसम.....!!!

सूखे
पत्तों का शोर...
अँधेरे की
सरगोशी.... 

धड़कन की आहट
किस्मत से
अपने शिकवे ......!!!

तेरे
अहसास का
अटूट बंधन .......!!!!

तेरी
चाहत  के पल
तेरे
आने की उम्मीदें ......!!!

तेरे
रास्ते पे नजर
लम्हा लम्हा
रात का ढलना...!!!

पल पल
अपनी ..
आस का टूटना
दिल के
जख्मो का गहरा होना....!!!

और फिर
"तन्हा तन्हा सी रात
तन्हा तन्हा से हम..."

Thursday, April 14, 2011

सुना है इस मोहब्बत में...




सुना है
इस मोहब्बत में...
बहुत
नुकसान होता है  .
महकता ,झूमता 
जीवन 
ग़मों के नाम 
होता है ......!!!
सुना है....
चैन खोकर वो  
सहर से 
शाम रोता है
मोहब्बत 
जो भी करता है 
बहुत 
बदनाम होता है ...!!!

 सुना है  
इस मोहब्बत में 
कही भी 
दिल नहीं लगता 
बिना उसके 
निगाहों को 
 कोई मौसम 
नहीं जंचता  ......!!! 
खफा जिस से 
मोहब्बत हो 
 वो जीवन भर 
 नहीं हँसता ........!!!
बहुत 
अनमोल है वो दिल 
उजड़ कर 
फिर नहीं बसता ....!!!
सुना है 
इस मोहब्बत में ..........
"बहुत  नुकसान  होता है.....!!!!!! "















Wednesday, April 13, 2011

तुम्हे क्या खबर है ....

रातों को उठकर
ख्यालों से होकर
यादों में रोकर
तुम्हे क्या खबर है ....

हम अपने खुदा से
क्या मांगते है...?



वीरानो में जाकर
दामन फैला कर
आंसू बहाकर 
तुम्हे क्या खबर है ....? 


हम अपने खुदा से
क्या मांगते है...?


तुम तो कहोगे
सनम मांगते है
जनम मांगते हैं .......

तुम तो कहोगे
किसी दिलरुबा की
किसी दिलनशीं की
वफ़ा मांगते हैं .....

ये भी गलत है
वो भी गलत था....!!!


हम अपने खुदा से
दोस्तों के जीने की
दुआ मांगते हैं........!!!!

 

Friday, April 8, 2011

इतना ही है कहना

रफाक्तों की हसीं रूत में  
मोहब्बत के
गुलाब सारे
वफ़ा की डोरी से
बांधे रखना ...!!

कि रास्तों में
बिखर न जाएँ....
इस रास्ते के
दो मुसाफिर....

खयाल रखना...
बिछड़ न जाएँ.....
ये झिलमिलाते
चाँद सितारे
ये मुस्कुराते
हुए फूल सारे .....!!!

इन्द्रधनुष से रंग
ये फितरत....
शफ्फाक की लाली 
सुबह का आँचल
गुलाबी मौसम 
ये उतरता बादल....!!! 

गवाह हैं 
मेरी मोहब्बत के   
फकत इतना ही है 
तुमसे कहना .....

"मुझे वफ़ा की 
सजा न देना 
याद रखना 
हमेशा मुझको 
कभी भी मुझको 
भुला न देना.....!!! "

Monday, April 4, 2011

वो कैसी होगी.


पागल 
वो ...कर देती होगी 
अब भी 
जब वो हंसती होगी  ......!!!
मुझको 
तो बर्बाद किया है 
खुद भी 
शायद रोती होगी.....!!!
अरसा 
बीता है बिन देखे 
जाने 
अब वो कैसी होगी....?
उसके 
हाथो की रेखाओं में 
एक 
रेखा मेरी भी होगी.....!!!
जिस दिन 
उससे मिलना होगा 
शाम 
भी ,उसके जैसी होगी.....!!
दुल्हन 
बन कर वो इस दिल में
सोचो 
कैसे लगती होगी.....?
जिन 
हाथो को मैंने चूमा ..
उनको 
अब तक तकती होगी ...!!!
सुन के
मेरा नाम वो शायद 
एक 
लम्हे को चौंकती होगी.....!!

""जाने वो कैसी  होगी...?
 

Saturday, April 2, 2011

चलो बातें करते हैं...


चलो बातें करते हैं...

फलक की गोद में सिमटे
सितारे थक के
सो जाएँ ....!!!


ज़मीन  पर बिखरे मंजर
सब के सब हैरान
हो जाएँ.....!!!

 
उतरती अप्सराएँ भी
शोर करना ही
भूल  जाएँ...!!!

हवाएं हैरत से
थम जाएँ......!!!

चलो बातें करते हैं 
बिना मतलब
बिना मकसद ........


चलो ना
बोलते जाएँ ......!!!
चलो बातें करें इतनी
कि एक लम्हा
जरा सा भी
रुक कर तुम्हे भी
कुछ सोचना
दुश्वार हो जाये....!!!


और ऐसे में
अचानक
तुम्हारी जुबान से  
ये निकल जाये ..
"हाँ" मै  तुम्हारी हूँ आनंद !!!