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Wednesday, August 24, 2011

तुम्हे एक फूल देना है....!!!

 ..सुनो....!!
.बताओ ... 
अब कहाँ मिले तुमसे...?
तुम्हे एक फूल देना है...!!!
 तुमसे
एक अहद लेना है....!!!
 तुम्हे अब
चाँद कहना है          
 तुम्हे..    दिल...धड़कन... 
 ..जान... कहना  है...!!!    

जो 
जुदा करने की साजिशें है..
उन्हें ,
बेजान ....करना है....!!!         

हाँ....!!!
तुमसे बहुत कुछ  कहना  है.....!!! 
बताओ.....
क्या मोहब्बत में 
एक  फूल  बहुत  होगा....???  

 या फिर 
तुम चाँद  मांगोगे....?
या  फिर
मेरी  जान  मांगोगे...???   
 या  फिर
हिज्र का अजाब  मांगोगे.....??
या
उम्र भर का 
साथ मांगोगे ....???

. सुनो.ना....

...  बताओ  ..कहाँ मिलोगे तुम..?
...    तुम्हे  एक फूल देना है...

Wednesday, August 17, 2011

बहुत मशरूफ हो शायद.....!!!



..ज़माने भर के  कामों में
बहुत मशरूफ हो शायद.....!!!


हमारी याद भी 
अब तो,
 तुम्हे कम-कम सताती है...!!!
हमारा  नाम भी
अक्सर .
तुम्हे अब भूल जाता है....!!!




तुम्हारी आँख को अब तो
कोई  सपना नहीं दिखता...!!!
तुम्हारे दिल को भी अब तो
 कोई चेहरा नहीं जंचता...!!

 
हमारा नाम लेते थे 
जो हर एक सांस के  हमराह    
जिसे हम दिल  की हर धड़कन 
की तरह याद आते थे...!!!.       

उसी को भूल जाने का....          
यही मतलब हुआ न फिर .........???

 " ..ज़माने भर के  कामों में
बहुत मशरूफ हो शायद.....!!!..."

Monday, August 1, 2011

एक वचन ये भी था...!!


एक पुराना दोस्त 
अक्सर
मझे  टोकता  है ....!!!

आज पूछ बैठा..
शादी किस से  करेगा...??

मैंने कहा 
मै शादी शुदा हूँ...!!!
फिर बोला 
अरे पगले ... कौन है
तेरा जीवन-साथी...??
  नजर उठा के कह दिया 
''यादे है किसी की"
 
कहने लगा ,
शादी किसने करवाई....??
पंडित कौन था...
बाराती कौन थे...?

मैंने कहा 
जिंदगी के खयालो ने...
उसके  सवालो ने....!!!
चाँद सितारों की अगुआई थी..!!

वो फिर पूछता गया....

कैसी गुजर रही है जिंदगी...?
मै....
बोलने वाला ही था...
की अचानक 
आँखों से आंसू छलक  पड़े.....!!

उसका झुंझला के 
आखिरी सवाल था.......
अबे......
उसे छोड़ क्यूँ नहीं देता.....???

मै भी इतना ही कह सका..

....सात फेरो के 
सात  वचनों में..
वादों की  पवित्र वेदी  पर 

एक वचन ये भी  था...

"सारी जिन्दगी  अब साथ रहना है"