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Wednesday, March 28, 2012

तो तुम तन्हा हो....!!!

कुछ पंछी
झुण्ड में उड़ते हों...
और रास्ता भी
कुछ मुश्किल हो...

कुछ दूर उफ़ाक
पे मंजिल हो ........
एक पंछी
घायल हो जाए....
और बेदम
हो के गिर जाये....!!!

तो ,
रिश्ते- नाते
प्यारे सब...
कब किसकी खातिर
रुकते हैं....???

इस दुनिया
की है
रीत यही .......
जो साथ चलो
तो साथ बहुत ....
जो रुक जाओ

तो तुम तन्हा हो....!!!

Monday, March 19, 2012

बदन के चूर होने तक... !!!

सुनो....!!!

लवों की
सिरसिराहट से 

बदन के 
चूर होने तक...  
मै तुझ को
इस तरह चाहूं....
कि..
मेरी सांस  रुक  जाए .....!!!

खताओं पर खताएं  हो...
न हो कुछ बात
कहने को...
मै तुझ में 

यूँ समां जाऊं...
कि मेरी सांस रुक जाए......!!!

न हिम्मत 

तुझ में हो बाकी....
न हिम्मत 

मुझ में हो बाकी ....
मगर                                                  
इतना करीब आऊँ...
कि मेरी सांस रूक जाए...!!!        

तेरे होठों पे
जब रखूं ...
मै अपने होंठ कुछ ऐसे...
या तेरी प्यास
बुझ जाये...
या

" मेरी सांस रुक जाए....!!!"

Friday, March 2, 2012

खोना नहीं हमको.....!!!

सुनो ....!!!
हमारी खुश नसीबी है ...
तुम्हारे इश्क पे मरना ....


अगर हम
मर गए तो
देखो...


रोना नहीं हमको.....!!!


दोबारा जो
उगाओगे
दोबारा ..फूल
देंगे हम....


मगर ...


पत्थर दिलो
के शहर में
बोना नहीं हमको ....!!!


सुनो ....
हम जिंदगी है.....


और                                                
 जिंदगी सिर्फ....
एक बार मिलती है...
खफा होना...
गिरा देना...

मगर

खोना नहीं हमको.....!!!