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Thursday, December 5, 2013

सुनो ....!!! ऐ मोम की गुड़िया .....!!!

सुनो ....!!!

ऐ मोम की गुड़िया ...

कि अब इस दौर के अंदर
कोई मजनू नहीं बनता
कोई राँझा नहीं होता ...!!!

कदम दो-चार चलने से
सफ़र साझा नहीं होता
""लानत " इन बेकार सोचों पर ...!!!

सुनो ..
रोने का डर ..कैसा ...?
जिसे पाया नहीं  तुमने ..
उसे खोने का डर ..कैसा ...??

सुनो ....!!!

ऐ मोम की गुड़िया .....!!!


Thursday, November 14, 2013

मोहब्बत मेहरबान होगी ....!!!



सुनो  ....  !!!
मोहब्बत मेहरबान होगी
परेशान तुम नहीं होना
कभी छुप कर नहीं रोना
कभी उदास मत होना .... !!!




जुदाई जहर होती है
मुझे मालूम है लेकिन
फ़िराक ओ हिज्र का मौसम
यक़ीनन बीत जायेगा ....!!!


यक़ीनन वस्ल के लम्हे
दोबारा लौट आयेंगे
वही शामें ,वही रातें
वही किस्से वही बातें
वही फिर दास्तान होगी


सुनो  .... 
मोहब्बत मेहरबान होगी  …!!!




Tuesday, October 15, 2013

सुना है....ईद आई है....!!!




उससे कहना...
लौट आओ....  
सुना है....ईद आई है....!!!
इक बार तो 
आके मिल जाओ .
सुना है
ईद  आई है.....!!!
 उस से कहना 
बिन तेरे 
बहुत सी ईदें गुजरी हैं...
इस बार तो मिलने आ जाओ  

सुना है ईद आयी है.....!!!



उस से कहना 

जुदाई से 
मोहब्बत कम नहीं होती....
ये दुनिया को 
बतला जाओ ...
सुना है ईद आई है....!!!


उस से कहना 

की चाहत  का 
भरम न टूटने देना ...
तुम पल 

दो पल ही आ जाओ 
सुना है ईद आई है......!!!

उस से कहना


तन्हा है
कोई 
ईद के दिन भी ....
ये तन्हाई 

मिटा जाओ ..
सुना है ईद आई है ....!!!


Wednesday, October 9, 2013

हमारी ईद कब होगी ….!!!

सुना है
चाँद निकला था ...!!!
सुना है 


ईद भी हो गई .

.
हमें  तो
आसमान पर दूर तक ...
कुछ भी नहीं दिखा था ....
कहाँ
वो चाँद निकला था ..

कि
जिसके वास्ते
हमने
कभी पलकें नहीं झपकाई .... 
वो जिसका
रास्ता तकते ....ही ...
गुजारी है
जिंदगी अपनी  ..

नहीं कुछ भी यकीन 
कि वो ..निकलेगा
तो कब आखिर ...?..
हमारी मुन्तजिर
आँखों को ...  
उसकी
दीद कब होगी ..?
 
अभी
तुम हमसे
मत पूछो ..

हमारी ईद कब होगी ….!!!

Tuesday, September 17, 2013

उतरती शाम से पहले .....!!!

जुदाई के
इस मौसम  में ...
उतरती
शाम से पहले .....!!!

मेरी यख-बस्ता
आँखों मे…
ख़ामोशी
रख्श करती है ...!!!

तो  तेरी
याद की पायल ...
यूँ मेरे कान में
आकर ...
मुसस्सल
छन -छनाती है ...!!!.
 
तो फिर
एकदम
ख़ामोशी का ....
तसस्सुल
टूट जाता है ...!!!

फिर ऐसे में
कोई "घूघती"...
.बडी ही ..बेसब्री से ..
बेचैन होके  घुराए ....!!!

तो
यूँ  महसूस ..होता है ..
मेरी हर
जफा को भूल कर…
तेरी डबडबाई
आँखों ने…



आज फिर 
वादा तोडा है… .!!!

तू फिर बेचैन -
बेबस  होके…
टूट ते .रिश्ते पे रोई है ...!!!

(घूघती ..पहाड़ी पंछी , घुराए -बिरह स्वर ...)

Sunday, September 15, 2013

मोहब्बत रूठ जाये तो ....!!!

उसे बाँहों में ..ले लेना .....!!! 

बहुत ही पास
करके तुम
उसे जाने नहीं देना ...!!!




वो दामन भी                               
छुडाये तो
उसे तुम
कसम दे देना ....!!!

दिलों के                            
मामलों में
खताए हो ही जाती  हैं ...


मगर
तुम इन खताओं को
बहाना
मत बना लेना ...!!!


मोहब्बत
रूठ जाये तो


उसे जल्दी मना  लेना ....!!!



Monday, August 26, 2013

जरा सी बात करनी है ..!!!

जरा ठहरो
चले जाना ...!!!

मुझे
कुछ तुम से कहना है ...!!

जादा वक्त नहीं लूँगा ...
जरा सी बात करनी है ..!

न दुःख अपने सुनाने हैं ...
न कोई फ़रियाद करनी है .....!!!

न ये मालूम करना है ..
कि
..अब हालात कैसे हैं ....?

तुम्हारे
हमसफ़र   थे जो
तुम्हारे साथ कैसे हैं ..?
न ये मालूम करना है
कि ..तुम्हारे .
दिन और रात कैसे हैं ...???

 

मुझे
बस  इतना कहना है ...
मुझे तुम याद आते हो ...

बहुत ही याद आते हो .....!!!

Friday, August 23, 2013

अक्सर मैंने देखा है ...!!!

मोहब्बत की
हसीन राहों में ...
अक्सर
मैंने देखा है ...!!!

जो साथी
साथ चलते थे ..
बिछड़ते
मैंने देखा है ...!!!

सजाते थे
बड़े शौक से ..
खयालों की
हसीन दुनिया ..
बहुत छोटी सी
बातों पे  उजड़ते
मैंने देखा है ...!!!

जो कहते थे
की एक पल ..
बिन तेरे
हम न रह पाएंगे ..        
सामना अब हो
तो  चुपचाप ..
गुजरते
मैंने देखा है ....!!

   

                                                                                   जो कहते थे  ..
                                                                                    तेरा रिश्ता ..
                                                                                   ज़माने भर से
                                                                                   अफजल है ...
                                                                                   उन्ही रिश्तों को

                                                                                    पल भर में
                                                                                     बिखरते
                                                                                     मैंने देखा है ....!!!



Sunday, August 11, 2013

कोई सुनेगा .. तो क्या कहेगा ....???



किसी की खातिर              


करार खोना ...?

कोई सुनेगा ..
तो क्या कहेगा ....???

ये रातों को अक्सर
उठ उठ के रोना ..

कोई
सुनेगा 
तो
क्या कहेगा ...???

भंवर में मुझको
छोड़ आते
तो अपनी
उल्फत का राज़ रहता ..
साहिल पे आके
यूँ डुबोना ....?

कोई सुनेगा
तो क्या कहेगा ...???

जमाना

हुश्न शबाब का है ...
हसीन ख्वाबों
खयाल का है ...
ये शब् बरबादी
ये दिन का सोना ...?

कोई सुनेगा
तो क्या कहेगा ....???..

कहा जो मैंने

दर खुदा से .
दिल मेरा तुम दुखा रहे हो ..
वो बोले हंस के
चुप रहो ...

कोई सुनेगा
तो क्या कहेगा ....???