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Saturday, January 12, 2013

मोहब्बत जात होती है ....!!!






 मोहब्बत जात होती है ....!!!

मोहब्बत
जात की
तकमील
होती है ......
कोई
जंगल में जा ठहरे
किसी
बस्ती में बस जाए ...
मोहब्बत
साथ होती है ....!!!

मोहब्बत
,
खुशबुओं
की लय ...
मोहब्बत

मौसमों
की धुन,......

 मोहब्बत
अबसरून
के निखरते

पानीयों का हुस्न ...
मोहब्बत
जंगलों   में
राज
करते .,...
बनजारों
का तन ...
मोहब्बत
बरफ भरती सर्दियों में ....
धूप
बनती है ...
मोहब्बत

चिलचिलाते
गरम  साहिरा  में
ठण्डी
छांव की मानिंद .....                                           
मोहब्बत
दिल ..
मोहब्बत
जान ,,,
मोहब्बत
 रूह का दर्पण .....
मोहब्बत
मूर्ति है ....
और कभी जो
दिल
के मन्दिर में
कहीं
पर टूट जाये ....तो मोहब्बत ....
कांच
 की गुड़िया ....
फ़िजाओं
 में किसी के
हाथ
से गिर जाये तो  मोहब्बत
अबला
है कर्ब का ...!!!
और
फूट जाये तो
मोहब्बत
रोग होती है ....
मोहब्बत
सोग होती है ....
मोहब्बत शाम होती है ...
मोहब्बत
रात होती है .....

मोहब्बत झिलमिलाती आँख में .....
बरसात
होती है ...
मोहब्बत
नींद की रुत में ...
रतजगों
की घात होती है .....!!!
मोहब्बत
जीत होती है ...
मोहब्बत
मात होती है ...!!!

मोहब्बत
जात होती है ....!!!




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