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Saturday, April 6, 2013

मोहब्बत क़र्ज़ हो जाती ....!!!

 अगर वो प्यार कर लेती ..... 
मेरा दामन पकड़ लेती ....
तो जीवन में 
फकत उस से 
मोहब्बत फ़र्ज़ हो जाती ...!!!
मोहब्बत क़र्ज़ हो जाती  ....
मगर 
अच्छा किया  उसने ...
मुझे 
समझा के चल निकली  ....
मुझे 
ठुकरा के चल निकली ...
बहुत नादान सी है वो ..
अभी 
अनजान सी है वो 
कहा मालूम है उसको ...
मोहब्बत 
जिंदगी  में बस 
फकत एक बार मिलती है  
अगर 
ठुकरा  के चल निकलें 
तो ....उमरें बीत जाती हैं 
मोहब्बत की तमन्ना में ...
मगर 
हर एक रस्ते पे सिर्फ 
रुसवाई मिलती है ....

फकत तन्हाई मिलती है .....!!!

1 comment:

  1. झरने की तरह बहती हुई ताजगी से भरपूर रचना ,,,सदर बधाई के साथ

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