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Sunday, May 22, 2011

कैसे हो....???


दिल में 
दर्द समाने वाले....
कैसे हो......???

मुझको 
छोड़ के जाने  वाले .....
कैसे  हो....??? 

नीद नहीं  आती
मुझको रातों में.......
मेरी 
नींद चुराने वाले..... 
कैसे हो.......???

मैंने,
खुद से बढ़ कर 
तुमको चाहा है........

चाहत को 
ठुकराने वाले .......
कैसे हो........????


वादा 
किया था तुमने 
साथ निभाने का.......
  
वादा 
तोड़ के जाने वाले ......
कैसे हो....???





5 comments:

  1. Kya baat hai kya khoob likha hai..

    aisa khubsurat likhney wale aap kaise hai..
    mann ko bha jaye aise kavita kehne wale kaisay ho

    all the best

    keep writing

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  2. Aapka Bahut But Shukriya kamlesh Madam Ji.....Samman ke liye aabhar......!!!!

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  3. nind aati rahe, chaht bani rahe vade nibhte rahe to jindgi srars rahe,

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  4. वो ना हाल ही दिल का जान सके ,
    ना हमको ही पहचान सके ,
    और बड़ी अदा से कहते हैं ,
    जो रूठ के हमसे बेठे हैं ....!!

    ' मुझको
    छोड़ के जाने वाले .....
    कैसे हो....??? '

    आनंद जी आपकी ये कविता भी बाकी कविताओं की तरहा लाजवाब है...!

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  5. Dhanyawad Anjali Ji....
    .............Khankariyal sahebv....!!!!
    ..........................Kamlesh Madam Ji....!!!

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