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Wednesday, August 24, 2011

तुम्हे एक फूल देना है....!!!

 ..सुनो....!!
.बताओ ... 
अब कहाँ मिले तुमसे...?
तुम्हे एक फूल देना है...!!!
 तुमसे
एक अहद लेना है....!!!
 तुम्हे अब
चाँद कहना है          
 तुम्हे..    दिल...धड़कन... 
 ..जान... कहना  है...!!!    

जो 
जुदा करने की साजिशें है..
उन्हें ,
बेजान ....करना है....!!!         

हाँ....!!!
तुमसे बहुत कुछ  कहना  है.....!!! 
बताओ.....
क्या मोहब्बत में 
एक  फूल  बहुत  होगा....???  

 या फिर 
तुम चाँद  मांगोगे....?
या  फिर
मेरी  जान  मांगोगे...???   
 या  फिर
हिज्र का अजाब  मांगोगे.....??
या
उम्र भर का 
साथ मांगोगे ....???

. सुनो.ना....

...  बताओ  ..कहाँ मिलोगे तुम..?
...    तुम्हे  एक फूल देना है...

6 comments:

  1. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  2. shayed pahli bar padha aapko..bahut acchhi lagi aapki rachna.

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  3. Ek phool ke sath sbi bavnaow ki abivakti---- bhout khub

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  4. behartin racha hai, or panktiyan to bahut hi khubsurati se aapna kaam nibha rahi hai ...............

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  5. आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी......आपको फॉलो कर रहा हूँ |

    कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  6. This comment has been removed by the author.

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