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Wednesday, March 28, 2012

तो तुम तन्हा हो....!!!

कुछ पंछी
झुण्ड में उड़ते हों...
और रास्ता भी
कुछ मुश्किल हो...

कुछ दूर उफ़ाक
पे मंजिल हो ........
एक पंछी
घायल हो जाए....
और बेदम
हो के गिर जाये....!!!

तो ,
रिश्ते- नाते
प्यारे सब...
कब किसकी खातिर
रुकते हैं....???

इस दुनिया
की है
रीत यही .......
जो साथ चलो
तो साथ बहुत ....
जो रुक जाओ

तो तुम तन्हा हो....!!!

6 comments:

  1. रुक जाओ तो तुम तन्हा हो .... सटीक बात ... सुंदर भाव

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  2. गहन अभिव्यक्ति ...
    बधाई एवं शुभकामनायें ..

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  3. गहन भाव दर्शाती सुन्दर अभिव्यक्ति....

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  4. sach me kaun rukta hai yahan kisi ke liye..sunder prastuti sadar badhayee aaur amantran ke sath

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  5. कदम रुके न राही, मंजिल आने तक तू चलता चल...

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  6. पिछले कुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ...

    सुन्दर अभिव्यक्ति.. के लिए बधाई स्वीकारें.

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