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Tuesday, March 12, 2013

मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"


सुनो  जाना...!!!

मोहब्बत खौफ होती है 
कभी नादान होती है
कभी  हैरान करती है...


मुझे  मालूम है ..शायद ..
बहुत नुकसान करती  है......!!!

तमाशा आम  करती है
ये घर वीरान करती है ...
जहाँ हो रौनके  जिंदा
वो  दिल 
सुनसान करती है .....!!!


मगर अब सुन...
मेरे हमदम...
मुझे  तुमसे   मोहब्बत है ...

मोहब्बत  वो हकीकत है 
जो
दिल आबाद करती है ....

मोहब्बत जीत होती है
मगर ये हार जाती है ....!!!

कभी दिल सोज़ लम्हों से
कभी बेकार रस्मो से ......
मोहब्बत ,,,,
खुद नहीं मरती....!!!

""   मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"

1 comment:

  1. सुन्दर चित्रों के साथ..
    बहुत ही भावपूर्ण रचना...

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