Monday, May 14, 2012

...लूडो....!!!


ये जो
सांप - सीढ़ी का खेल है
अभी साथ थे
दोनों हम नवा....

वो भी १ पे
मै भी १ पे ....

उसे सीढ़ी मिली वो चढ़ गई
मुझे रास्ते में डस लिया
मेरे वक्त के किसी सांप ने ....!!!

बड़ी दूर से
पड़ा लौटना
जख्म खाके अपने नसीब का

वो ९९ पे
पहुच गई
मै दस के फेर में
घिर गया...!!

उसे १ नंबर था चाहिए
जो नहीं मिला ..सो नहीं मिला..
मै बढ़ा तो बढ़ता
चला गया
बस एक चौके की मात थी ...!!!

पर उसे जीतना मेरी जीत थी
उसे हारना मेरी मात थी
मैंने जान के
गोट गलत चली
और सांप के मुंह में दाल दी ...!!!

ये जो प्यार है
कभी सोचना ........
ये भी

"सांप-सीढ़ी का खेल है......!!!

Wednesday, April 18, 2012

अधुरा मै भी हूँ...!!!


सुनो जाना .....!!!
किसी
को तुमने चाहा था
वो तुम्हे मिल नहीं पाया
किसी को मैंने चाहा था
वो मुझे मिल नहीं पायी...!!!

अधूरे  तुम भी हो अब तक
अधुरा मै भी हूँ अब तक  
अधूरे पन की तन्हाई
तुम्हे भी डसती रहती है 
अधूरे पन की तन्हाई
मुझे भी डसती रहती है ....!!!

अधूरे
पन से मैं भी अब
निकलना चाहता हूँ बस...
अधूरेपन से तुम भी अब
निकलना चाहते हो ....??

तुम्हारे और मेरे सब..
मसाइल एक जैसे है...
सभी गम एक जैसे है
सभी दुःख एक जैसे है....!!!

सुनो जाना ...
चलो एक काम करते है ...
मुझे तुम वैसे ही चाहो...
की जैसे उस को चाहा था ....
तुम्हे मै वैसे ही चाहूं ...
की जैसे उसको चाहा था....!!!


चलो कि अब मिलजुल कर
नया एक घर बसाते है
मोहब्बत के दिए को फिर ..

"
मोहब्बत से जलाते है...!!!"

Wednesday, March 28, 2012

तो तुम तन्हा हो....!!!

कुछ पंछी
झुण्ड में उड़ते हों...
और रास्ता भी
कुछ मुश्किल हो...

कुछ दूर उफ़ाक
पे मंजिल हो ........
एक पंछी
घायल हो जाए....
और बेदम
हो के गिर जाये....!!!

तो ,
रिश्ते- नाते
प्यारे सब...
कब किसकी खातिर
रुकते हैं....???

इस दुनिया
की है
रीत यही .......
जो साथ चलो
तो साथ बहुत ....
जो रुक जाओ

तो तुम तन्हा हो....!!!

Monday, March 19, 2012

बदन के चूर होने तक... !!!

सुनो....!!!

लवों की
सिरसिराहट से 

बदन के 
चूर होने तक...  
मै तुझ को
इस तरह चाहूं....
कि..
मेरी सांस  रुक  जाए .....!!!

खताओं पर खताएं  हो...
न हो कुछ बात
कहने को...
मै तुझ में 

यूँ समां जाऊं...
कि मेरी सांस रुक जाए......!!!

न हिम्मत 

तुझ में हो बाकी....
न हिम्मत 

मुझ में हो बाकी ....
मगर                                                  
इतना करीब आऊँ...
कि मेरी सांस रूक जाए...!!!        

तेरे होठों पे
जब रखूं ...
मै अपने होंठ कुछ ऐसे...
या तेरी प्यास
बुझ जाये...
या

" मेरी सांस रुक जाए....!!!"

Friday, March 2, 2012

खोना नहीं हमको.....!!!

सुनो ....!!!
हमारी खुश नसीबी है ...
तुम्हारे इश्क पे मरना ....


अगर हम
मर गए तो
देखो...


रोना नहीं हमको.....!!!


दोबारा जो
उगाओगे
दोबारा ..फूल
देंगे हम....


मगर ...


पत्थर दिलो
के शहर में
बोना नहीं हमको ....!!!


सुनो ....
हम जिंदगी है.....


और                                                
 जिंदगी सिर्फ....
एक बार मिलती है...
खफा होना...
गिरा देना...

मगर

खोना नहीं हमको.....!!!

Thursday, February 23, 2012

आज ऐसा करते हैं ....!!!


सुनो जाना....!!!
आज ऐसा करते हैं ....!!!

बा-सादा लफ़्ज़ों में
वजह -- जिंदगी   कह के 
वसल  की जरुरत पर
फिर से जोर देते हैं ....

आज ऐसा करते हैं
ज़िक्र वही करते हैं...
नाम और देते हैं....!!!

जब्त के किनारों से
दर्द अपना लिपटा है
टूटते किनारे अब
दर्द और देते हैं...

आज ऐसा करते है....
दर्द से उलझते है
जब्त छोड़ देते हैं....!!!

तार तार दामन को
खार खार  राहों  में
रंजिशें भुला के हम 
आके  जोड़ देते हैं ....

आज ऐसा करते है
खुद नहीं पलटते हैं...
राहें मोड़ देते है.....!!!

सब्ज सब्ज मौसम में
लाल लाल आँखों में
ख्वाब की रगों से हम
खून निचोड़ लेते हैं ..

आज ऐसा करते हैं....
ये भी कर गुजरते हैं
ख्वाब तोड़ देते हैं....!!!

  कि अब दुआओं को 
मातमी रिदाओं में
फिर से कर के अलविदा
मौका और देते हैं ...

आज ऐसा करते हैं....
दरिया में उतरते हैं...
और सब  ....

"
रब" पे छोड़ देते हैं.....!!!