Thursday, December 27, 2012

आदत नहीं जाती ,,,,,!!!


एक रोज तुमने
थामा था हाथ मेरा
मेरे हाथ से तुम्हारे
हाथ की
खुशबू नहीं जाती,,,,!!!

तुम बहुत प्यार से
पुकारते थे नाम मेरा,,,,
मेरे कानों से
तुम्हारी वो 
आवाज़ नहीं जाती,,,,!!!


मै बुलाता भी
नहीं था
और तुम आ जाती थी
अब बुलाने पर भी
मेरी आवाज़
तुम तक नहीं जाती,,,,,!!!

मै जानता हूँ
ये शहर
ये रास्ते
तुम्हारे नहीं

फिर भी मेरी आँखों से 
इन्तेजार की

आदत नहीं जाती ,,,,,!!!

Thursday, December 6, 2012

लड़कियां,,,,, बेवफा नहीं होती ...!!!




                                                                                      लड़कियां,,,,,
बेवफा नहीं होती,
वो तो मजबूरियों में लिपटी हैं,......!!!
अपने शिद्धत भरे खयालो  में,
अपने अन्दर छुपी  हुई एक औरत में ,
वो हमेशा ही डरती है,
न तो जीती हैं,,,नाही मरती हैं ,....

लड़कियां,,,,,बेवफा नहीं होती,......!!!
पर ,
हमेशा ही डरती हैं
अपने रीति रिवाजों से
आने वाले नए ,...अज़ाबों से,,,,
ज़र्दुरत में खिले गुलाबों से,,,
प्यार करती है और छुपाती है,,,,,,!!!

लड़कियां,,,,,बेवफा नहीं होती,......!!!
क्यूंकि ,
मजबूरियों में लिपटी  हैं,,,,,,,
और हर लम्हा  डरती रहती  हैं
अपने प्यार से
अपने साए से,,,,,
अपने रिश्तों से,,,दिल दुखाने से,,,,,
अपनी ख्वाहिश से,,, अपनी खुशियों से
मसला सिर्फ इतना है

लड़कियां,,,,,बेवफा नहीं होती,......!!!

Wednesday, November 21, 2012

मोहब्बत जीत जाएगी.....!!!


मोहब्बत  जीत  जाएगी
अगर तुम मान  जाओ  तो
मेरे   दिल  में तुम  ही तुम हो
ये  आखिर जान जाओ तो ...!!!


मेरे दिलबर  कसम तुमको
कभी ना दूर जाना तुम
मेरी चाहत बुलाती  है
कभी ना  भूल जाना तुम ....!!!

कि मुश्किल आजमाइश  में
मुझे ना  डाल जाना तुम
हकीकत  मान जाओ तुम
कि मुझको जान जाओ तुम ....!!!
किसी   को आजमाने में
किसी का दिल दुखाने में
कि दिल को तोड़ जाने में
तन्हा  छोड़ जाने में
हासिल कुछ नहीं होता ....!!!

मोहब्बत  जीत  जाएगी
अगर तुम मान  जाओ  तो.....!!!

Friday, November 2, 2012

कभी नाकाम न होवोगे.....!!!

मिलन की आरजू करना...
सफ़र की जुस्तजू करना....
जो तुम मायूस हो जाओ
तो मुझ से गुफ्तगू करना....

ये अक्सर हो भी जाता है ..

की कोई खो भी जाता है....
मुकद्दर को सताओगे
तो फिर ये ..
सो भी जाता है....!!!



 अगर तुम हौसला रखो....
वफ़ा का सिलसिला रखो...
जो तुम से प्यार कर बैठे
तो उस से राब्ता रखो....!!!


मै ये दावे से

कहता हूँ....
कभी बदनाम न होवोगे
मोहब्बत को समझ जाओ...
कभी नाकाम न होवोगे.....!!!

Monday, October 8, 2012

कभी "टूटा" नहीं करते....!!!!

..........जरा सी बात पे अक्सर.....
ये कह जाना
खफा...होकर......

 जियेंगे अब .. जुदा हो कर
न को रब्ता होगा...
न कोई वास्ता होगा....!!!

मेरी आवाज भी तुमको
कभी
शायद न पहुंचेगी....
नजर भी मै न आउंगी ....
ताल्लुक जो रहा तुमसे...
उसे
मै तोड़ जाउंगी....

कभी ये सोचना भी मत
कि तुम बिन जी न 
पाऊँगी

मै अपनी जिंदगी को फिर
तुम्हारे बिन
बिताउंगी .....!!!


.....मै सुन कर उसकी सब बाते
फकत इतना ही
कहता हूँ....

कि ...
खफा होना   
मना  लेना ....ये सदियों से..

रवायत है.....
मोहब्बत की अलामत है ....

 गिले शिकवे करो मुझसे....
...तम्हे  मेरी जाना ...इज़ाज़त है....!!!

मगर एक बात याद रखना तुम...
कभी ऐसा भी होता है...

हवाएं
रुख बदलती है....
खिजाएँ...लौट जाती है....

खताए हो भी जाती हैं....
खता होना भी मुमकिन है ....
खफा होना भी मुमकिन है .....!!!


मगर यूँ हाथ से दामन ...

कभी छूटा नहीं करते ...
हमेशा याद रखना तुम....
ताल्लुक टूट जाने से .,..

कभी
"टूटा" नहीं करते....!!!!

मुझ से जादा ...!!!!

सुनो जाना.....!!!
मुझ से जादा ...
कोई अगर तुम्हे चाहे तो....
मेरे हाथों से अपना ....
हाथ छुड़ा लेना.....!!!

मेरे दिल से अपनी
चाहत उठा लेना...!!!


तोड़ देना ..
प्यार की जंजीरें....!!!
मिटा लेना
अपने हाथों से लकीरें....
मेरी आँखों से
अपने ख्वाब....
और
ख्वाबो से
मेरी तस्वीर मिटा लेना....!!!

मगर
याद रखना .....
 मेरी शर्त ये है  ....जाना.....!!!

"मुझसे जादा ....कोई अगर तुम्हे चाहे तो....!!!"

Sunday, September 30, 2012

सुनो हमसफ़र....

सुनो हमसफ़र....
साथ तुम्हारा देना है....
और साथ तुम्हारा पाना है ....
पथ्थरों के इस शहर में....
एक कांच का घर बनाना है .....
आसमानों  पे
जो रिश्ता बना
उसे दुनिया में निभाना है....!!!

तुम रूठ के मुझ से मत जाओ ....
मुझे साथ तुम्हारे आना है ....
तुम
लौट   के 
वापस    आ जाओ

मुझे
जिंदगी तुम्हे बनाना  है ....!!!

Sunday, August 19, 2012

बारिशों के मौसम में.....


बारिशों के मौसम में.....
जब किसी की याद आये,
तुम जरा सा रो लेना
अपने रोते चेहरे को ......
बारिशों में  धो लेना....!!!

बारिशों  का मौसम भी ,
जब बुरा लगे तुमको....
और अपनी शामें भी
तुम को तन्हा लगती हों
या तो चांदनी राते ..
तुम से कुछ न कहती हों....
उस घडी समझ लेना .....
तुमने एक खता की थी....!!!

बारिशों के मौसम में ,
तुमने जिस को छोड़ा था
वो ही तुमको प्यारा था ....
तुम ने जिस को ठुकराया
उसमे दिल तुम्हारा था ....
अब सजा तो मिलनी थी......!!!

 
बारिशों के मौसम में ,
उसकी सिसकियाँ तुमको
रात भर सताती है....
उसकी सर्द आहें भी ..
दर्द-ऐ-दिल जगाती है ....
तुम उदास रहते हो ....!!!

बारिशों के मौसम में....
जब किसी की याद आये...
उस घडी  समझ लेना .....
आज तुम जो तन्हा हो....
तुम से दूर रह कर भी
आज वो भी तन्हा है....
बारिशों के मौसम में......!!!

Monday, May 14, 2012

...लूडो....!!!


ये जो
सांप - सीढ़ी का खेल है
अभी साथ थे
दोनों हम नवा....

वो भी १ पे
मै भी १ पे ....

उसे सीढ़ी मिली वो चढ़ गई
मुझे रास्ते में डस लिया
मेरे वक्त के किसी सांप ने ....!!!

बड़ी दूर से
पड़ा लौटना
जख्म खाके अपने नसीब का

वो ९९ पे
पहुच गई
मै दस के फेर में
घिर गया...!!

उसे १ नंबर था चाहिए
जो नहीं मिला ..सो नहीं मिला..
मै बढ़ा तो बढ़ता
चला गया
बस एक चौके की मात थी ...!!!

पर उसे जीतना मेरी जीत थी
उसे हारना मेरी मात थी
मैंने जान के
गोट गलत चली
और सांप के मुंह में दाल दी ...!!!

ये जो प्यार है
कभी सोचना ........
ये भी

"सांप-सीढ़ी का खेल है......!!!

Wednesday, April 18, 2012

अधुरा मै भी हूँ...!!!


सुनो जाना .....!!!
किसी
को तुमने चाहा था
वो तुम्हे मिल नहीं पाया
किसी को मैंने चाहा था
वो मुझे मिल नहीं पायी...!!!

अधूरे  तुम भी हो अब तक
अधुरा मै भी हूँ अब तक  
अधूरे पन की तन्हाई
तुम्हे भी डसती रहती है 
अधूरे पन की तन्हाई
मुझे भी डसती रहती है ....!!!

अधूरे
पन से मैं भी अब
निकलना चाहता हूँ बस...
अधूरेपन से तुम भी अब
निकलना चाहते हो ....??

तुम्हारे और मेरे सब..
मसाइल एक जैसे है...
सभी गम एक जैसे है
सभी दुःख एक जैसे है....!!!

सुनो जाना ...
चलो एक काम करते है ...
मुझे तुम वैसे ही चाहो...
की जैसे उस को चाहा था ....
तुम्हे मै वैसे ही चाहूं ...
की जैसे उसको चाहा था....!!!


चलो कि अब मिलजुल कर
नया एक घर बसाते है
मोहब्बत के दिए को फिर ..

"
मोहब्बत से जलाते है...!!!"

Wednesday, March 28, 2012

तो तुम तन्हा हो....!!!

कुछ पंछी
झुण्ड में उड़ते हों...
और रास्ता भी
कुछ मुश्किल हो...

कुछ दूर उफ़ाक
पे मंजिल हो ........
एक पंछी
घायल हो जाए....
और बेदम
हो के गिर जाये....!!!

तो ,
रिश्ते- नाते
प्यारे सब...
कब किसकी खातिर
रुकते हैं....???

इस दुनिया
की है
रीत यही .......
जो साथ चलो
तो साथ बहुत ....
जो रुक जाओ

तो तुम तन्हा हो....!!!

Monday, March 19, 2012

बदन के चूर होने तक... !!!

सुनो....!!!

लवों की
सिरसिराहट से 

बदन के 
चूर होने तक...  
मै तुझ को
इस तरह चाहूं....
कि..
मेरी सांस  रुक  जाए .....!!!

खताओं पर खताएं  हो...
न हो कुछ बात
कहने को...
मै तुझ में 

यूँ समां जाऊं...
कि मेरी सांस रुक जाए......!!!

न हिम्मत 

तुझ में हो बाकी....
न हिम्मत 

मुझ में हो बाकी ....
मगर                                                  
इतना करीब आऊँ...
कि मेरी सांस रूक जाए...!!!        

तेरे होठों पे
जब रखूं ...
मै अपने होंठ कुछ ऐसे...
या तेरी प्यास
बुझ जाये...
या

" मेरी सांस रुक जाए....!!!"