Sunday, August 11, 2013
Thursday, August 1, 2013
शब्द मेरे .. : ...कविता उसकी ...!!!
कहा था ना ..?
मुझे एक ख्वाब रहने दो
...कहा था ना ..?
कहा
था ना ..?
मुझे एक ख्वाब रहने दो ...
कहा था ना ..?
बहुत ही शौक था तुमको
..
हमारा दिल दुखने का ...
मुसलसल चोट की ज़द पर ,
हमें तकसीम करने का ...??
हमें मिटटी बना के
रेत में तज्सीम करने का ..?
चलो खुश हो गए न अब ?
तुम्हे अपना समझने की ...
जो गलती हम ने की थी न ..
बहुत है अब ...!!!
बहुत तकलीफ़
दी है
दुनिया वालों ने ..
बहुत ही चोट खाई है
ज़माने से ..
मगर हम भी अजब थे
ना ..?
किसी के चैन की खातिर ...
सुकून अपना लुटा बैठे ...
किसी की ख्वाहिशों
को
हमने ..इतना जाना कि ..
गुरूर अपना मिटा बैठे ....!!!
चलो अच्छा हुआ
..
खुशफहमियों का
सिलसिला टूटा ...!!!
थकान जो है
गुजरते वक्त के संग ...
ख़तम हो
जाएगी ..
हाँ हम वक्त के साथ टूट जाते हैं
मगर तोडा नहीं करते ...
कि हमने बद
-दुआ देना नहीं सीखा ...!!!
बस दुआ ये है कि
तेरा सामना न हो ...
किसी के साथ
मुझ सा बुरा न हो ...!!!
बहुत मासूम थे न हम ...?
कहा था ना ...?
मुझे एक ख्वाब रहने दो ...???
ढल ही जाएगी
मगर हम भी अजब थे न ...???
Friday, July 26, 2013
पलट आना ...!!!
कोई
गुज़रा हुआ लम्हा ...
कोई
बीती हुई सौगात ...
तुम्हारे
दिल के बंद दरीचे में
....चली आये ..
तुम्हे
ऐसा लगे ...
कि मुद्दत बाद ..
तुम्हे
धीमी सी
मीठी सी
कसक
महसूस होती है ....
तुम्हें
कुछ याद आता है
तो
मेरे भूले हुए साथी ..
मेरे ना`मेहरबान ...
पलट आना ...!!!
पलट आना....!!!
कि मेरी सामा `तें
अब भी
तुम्हारी आहटों की मुन्तजिर हैं ....!!!
गुज़रा हुआ लम्हा ...
कोई
बीती हुई सौगात ...
तुम्हारे
दिल के बंद दरीचे में
....चली आये ..
तुम्हे
ऐसा लगे ...
कि मुद्दत बाद ..
तुम्हे
धीमी सी
मीठी सी
कसक
महसूस होती है ....
तुम्हें
कुछ याद आता है
तो
मेरे भूले हुए साथी ..
मेरे ना`मेहरबान ...
पलट आना ...!!!पलट आना....!!!
कि मेरी सामा `तें
अब भी
तुम्हारी आहटों की मुन्तजिर हैं ....!!!
Wednesday, July 24, 2013
मोहब्बत काँच का सौदा ...!!!
मोहब्बत काँच का सौदा ...!!!
मोहब्बत
आग का दरिया ....
मोहब्बत
जून जैसी है
मोहब्बत
बरफ का गोला ..!!!
मोहब्बत
रात काली है ..
मोहब्बत
नीला मौसम है ..
मोहब्बत
कच्चा आँगन है ...
मोहब्बत तितलियों का घर ....!!!मगर फिर भी ....
मोहब्बत
काँच का सौदा .....
किसी
नामालूम बस्ती से ....
किसी
अनजान हस्ती से ..
किसी
कागज की कश्ती से ...!!!
किसी
खिड़की के मंजर से ..
किसी
पत्थर के खंजर से ...

किसी
धुंधली सी हसरत से ...
किसी
बेदर्द किस्मत से .... !!!
किसी
झूठी तसल्ली से .....
मोहब्बत हो ही जाती है ....!!!
Monday, July 22, 2013
मुझे छोड़ने की सजा न दे .... !!!
तेरी
चाहतों
में है
अपनापन
..!!!
मुझे
दिल से
कहीं
ये रुला न दे ...!!!
मै शजर हूँ
जज्बा
ऐ इश्क का
तुझे
इश्क़
मेरा सता न दे ....!!!
तू
जहा
भी होगी
याद
रख
तेरी
हर अदा
मेरे
संग है .....!!!
मुझे
अपनी
कुछ भी
खबर
नहीं ..
डर ये है
कि
तू भुला न दे ....!!!
मुझे
पास
रख
मुझे
थाम ले ..
मुझे
छोड़ने की सजा न दे .... !!!
Monday, July 15, 2013
उसे कहना ....ये दुनिया है ...!!!
उसे कहना
ये दुनिया है ...!!!
यहाँ हर शख्स
मतलब की
हदों तक साथ चलता है ..!!!
ज्योही
मौसम
बदलता है ..
मोहब्बत के
सभी दावे ..
सभी कसमे
सभी वादे
अचानक टूट जाते हैं ..!!!
उसे कहना
ये दुनिया है
यहाँ हर मोड़ पे
अपनी
सदा आँखे खुली रखना ..!!!
कोई
कितना भी
अच्छा हो
कोई
कितना भी
सच्चा हो ...
मगर
ऐतबार
मत करना ...!!!
उसे कहना
....
ये दुनिया है ...!!!
ये दुनिया है ...!!!
यहाँ हर शख्स
मतलब की
हदों तक साथ चलता है ..!!!
ज्योही
मौसम
बदलता है ..
मोहब्बत के
सभी दावे ..
सभी कसमे
सभी वादे
अचानक टूट जाते हैं ..!!!
उसे कहना
ये दुनिया है
यहाँ हर मोड़ पे
अपनी
सदा आँखे खुली रखना ..!!!
कोई कितना भी
अच्छा हो
कोई
कितना भी
सच्चा हो ...
मगर
ऐतबार
मत करना ...!!!
उसे कहना
....
ये दुनिया है ...!!!
Saturday, June 15, 2013
कभी जो हम नहीं होंगे ....!!!
कभी जो हम नहीं होंगे ....
कहो किस को बताओगे ...?
वो अपनी उलझने सारी ...
वो बेचैनी में डूबे पल ...?
वो आँखों में छुपे आँसू ...?
किसे फिर तुम दिखाओगे ...?
कभी जो हम नहीं होंगे ...
बहुत बेचैन होवोगे तुम ...
बहुत तन्हा रह जाओगे ..!!!
अभी भी तुम नहीं समझे ...
हमारी अनकही बातें ...
मगर जब याद आयेंगे ..
बहुत तुम को रुलायेंगे ...!!!
मगर….
बहुत चाहोगे फिर भी तुम ....!!!
Saturday, April 6, 2013
मोहब्बत क़र्ज़ हो जाती ....!!!
अगर वो प्यार कर लेती .....
मेरा दामन पकड़ लेती ....
तो जीवन में
फकत उस से
मोहब्बत फ़र्ज़ हो जाती ...!!!
मोहब्बत क़र्ज़ हो जाती ....
मगर
अच्छा किया उसने ...
मुझे
समझा के चल निकली ....
मुझे
ठुकरा के चल निकली ...
बहुत नादान सी है वो ..
अभी
अनजान सी है वो
कहा मालूम है उसको ...
मोहब्बत
जिंदगी में बस
फकत एक बार मिलती है
अगर
ठुकरा के चल निकलें
तो ....उमरें बीत जाती हैं
मोहब्बत की तमन्ना में ...
मगर
हर एक रस्ते पे सिर्फ
रुसवाई मिलती है ....
फकत तन्हाई मिलती है .....!!!
मेरा दामन पकड़ लेती ....
तो जीवन में
फकत उस से
मोहब्बत फ़र्ज़ हो जाती ...!!!
मोहब्बत क़र्ज़ हो जाती ....
मगर
अच्छा किया उसने ...
मुझे
समझा के चल निकली ....
मुझे
ठुकरा के चल निकली ...
बहुत नादान सी है वो ..
अभी
अनजान सी है वो
कहा मालूम है उसको ...
मोहब्बत
जिंदगी में बस
फकत एक बार मिलती है
अगर
ठुकरा के चल निकलें
तो ....उमरें बीत जाती हैं
मोहब्बत की तमन्ना में ...
मगर
हर एक रस्ते पे सिर्फ
रुसवाई मिलती है ....
फकत तन्हाई मिलती है .....!!!
Thursday, April 4, 2013
मुकम्मल ख़त नहीं लिखते .....!!!
उसे ....
मैंने ही लिखा था कि
लहजे
बर्फ हो जाएँ तो
पिघला नहीं करते ....!!!परिंदे
डर के उड़ जाएँ तो
फिर लौटा नहीं करते ..
उसे मैंने ही लिखा था कि यकीन उठ जाए तो
शायद कभी वापस नहीं आता ....!!!
हवाओं का
कोई तूफ़ान
कभी बारिश नहीं लाता ...
उसे मैंने ही लिखा था .....
कि शीशा टूट जाए तो ....
कभी फिर जुड़ नहीं पाता ... !!!!
उसे कहना
वो अधूरा ख़त ....
मैंने ही लिखा था .....!!!
और
उसे ये भी कहना कि
दीवाने
कभी ....मुकम्मल ख़त नहीं लिखते .....!!!
मैंने ही लिखा था कि
लहजे
बर्फ हो जाएँ तो
पिघला नहीं करते ....!!!परिंदे
डर के उड़ जाएँ तो
फिर लौटा नहीं करते ..
उसे मैंने ही लिखा था कि यकीन उठ जाए तो
शायद कभी वापस नहीं आता ....!!!
हवाओं का
कोई तूफ़ान
कभी बारिश नहीं लाता ...
उसे मैंने ही लिखा था .....
कि शीशा टूट जाए तो ....कभी फिर जुड़ नहीं पाता ... !!!!
उसे कहना
वो अधूरा ख़त ....
मैंने ही लिखा था .....!!!
और
उसे ये भी कहना कि
दीवाने
कभी ....मुकम्मल ख़त नहीं लिखते .....!!!
Thursday, March 28, 2013
मोहब्बत आप जैसी है ....!!!
मुझे
सब लोग कहते हैं ....
मोहब्बत
जानते हो तुम ??
मोहब्बत
मानते हो तुम ....???
मोहब्बत
आग जैसी है ....
जो जलती है
न बुझती है ...
मोहब्बत
गीत जैसी है
कई साजों पे
मबनी है .....!!!!
मोहब्बत
रंगों की तितली .....
जो
खुशबू ढूंढ लेती है ....!!!
मगर
मुझको ये लगता है ....
ये सारे लफ्ज़ झूठे हैं .....
अगर
सच है तो
बस ये है ....
मोहब्बत आप जैसी है ....!!!
सब लोग कहते हैं ....
मोहब्बत
जानते हो तुम ??
मोहब्बत
मानते हो तुम ....???
मोहब्बत
आग जैसी है ....
जो जलती है
न बुझती है ...
मोहब्बत
गीत जैसी है
कई साजों पे
मबनी है .....!!!!
मोहब्बत
रंगों की तितली .....
जो
खुशबू ढूंढ लेती है ....!!!
मगर
मुझको ये लगता है ....
ये सारे लफ्ज़ झूठे हैं .....
अगर
सच है तो
बस ये है ....
मोहब्बत आप जैसी है ....!!!
Wednesday, March 20, 2013
Tuesday, March 12, 2013
मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"
सुनो जाना...!!!
कभी नादान होती है
कभी हैरान करती है...
मुझे मालूम है ..शायद ..
कभी हैरान करती है...
मुझे मालूम है ..शायद ..
बहुत नुकसान करती है......!!!
तमाशा आम करती है
ये घर वीरान करती है ...
जहाँ हो रौनके जिंदा
वो दिल
तमाशा आम करती है
ये घर वीरान करती है ...
जहाँ हो रौनके जिंदा
वो दिल
सुनसान करती है .....!!!
मगर अब सुन...
मगर अब सुन...
मेरे हमदम...
मुझे तुमसे मोहब्बत है ...
मोहब्बत वो हकीकत है
जो
दिल आबाद करती है ....
मोहब्बत जीत होती है
मगर ये हार जाती है ....!!!
कभी दिल सोज़ लम्हों से
कभी बेकार रस्मो से ......
मोहब्बत ,,,,
खुद नहीं मरती....!!!
"" मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"
दिल आबाद करती है ....
मोहब्बत जीत होती है
मगर ये हार जाती है ....!!!
कभी दिल सोज़ लम्हों से
कभी बेकार रस्मो से ......
मोहब्बत ,,,,
खुद नहीं मरती....!!!
"" मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"
Sunday, March 10, 2013
लौट आना ....!!!
उदास शामो की
सिसकियों में
भी जो मेरी
आवाज़ सुनना ..
तो बीते लम्हों को
याद करके
इन ही फिजाओं में
लौट आना ..!!!
तुम
आया करते थे
ख्वाब बनकर ...
कभी महकता
गुलाब बनकर ...
मै खुश्क होंठों से
जब भी पुकारूँ ...
इन्ही अदाओं में
लौट आना ...!!!!
मेरी वफाओं को
पास रखना ...
मेरी दुआओं को
पास रखना ..
मै खाली हाथों को
जब भी उठाऊँ ...
मेरी दुआओं में लौट आना ....!!!
सिसकियों में
भी जो मेरी
आवाज़ सुनना ..
तो बीते लम्हों को
याद करके
इन ही फिजाओं में
लौट आना ..!!!
तुम
आया करते थे
ख्वाब बनकर ...
कभी महकता
गुलाब बनकर ...
मै खुश्क होंठों से
जब भी पुकारूँ ...
इन्ही अदाओं में
लौट आना ...!!!!मेरी वफाओं को
पास रखना ...
मेरी दुआओं को
पास रखना ..
मै खाली हाथों को
जब भी उठाऊँ ...
मेरी दुआओं में लौट आना ....!!!
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