Thursday, March 28, 2013

मोहब्बत आप जैसी है ....!!!

मुझे
सब लोग कहते हैं ....
मोहब्बत
जानते हो तुम   ??
मोहब्बत
मानते हो तुम ....???
मोहब्बत
आग जैसी है ....
जो जलती है
न बुझती है ...
मोहब्बत
गीत जैसी है
कई साजों पे 
मबनी है .....!!!!

मोहब्बत
रंगों की तितली .....
जो
खुशबू ढूंढ लेती है ....!!!

मगर
मुझको ये लगता है ....
ये सारे लफ्ज़ झूठे हैं .....
अगर
सच है तो
बस ये है ....

मोहब्बत आप जैसी है ....!!!

Wednesday, March 20, 2013

कम नही होती .....!!!

सुनो जाना ...!!

मोहब्बत
रूह में
उतरा हुआ मौसम है
ताल्लुक 
ख़तम करने से
मोहब्बत कम नही  होती ...!!!

जो तेरे वास्ते
सजने  सँवरने 
में गुज़रती है.....

बहुत
मशरूफियत  में  भी
वो फुर्सत कम  नही  होती .....!!!


बहुत कुछ
तुझसे पहले भी
मयस्सर था
मयस्सर है ...
ना जाने
फिर भी
क्यों....??
तेरी

"जरुरत कम नही होती...!!!"

Tuesday, March 12, 2013

मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"


सुनो  जाना...!!!

मोहब्बत खौफ होती है 
कभी नादान होती है
कभी  हैरान करती है...


मुझे  मालूम है ..शायद ..
बहुत नुकसान करती  है......!!!

तमाशा आम  करती है
ये घर वीरान करती है ...
जहाँ हो रौनके  जिंदा
वो  दिल 
सुनसान करती है .....!!!


मगर अब सुन...
मेरे हमदम...
मुझे  तुमसे   मोहब्बत है ...

मोहब्बत  वो हकीकत है 
जो
दिल आबाद करती है ....

मोहब्बत जीत होती है
मगर ये हार जाती है ....!!!

कभी दिल सोज़ लम्हों से
कभी बेकार रस्मो से ......
मोहब्बत ,,,,
खुद नहीं मरती....!!!

""   मोहब्बत........मार ...जाती है.....!!!"

Sunday, March 10, 2013

लौट आना ....!!!

उदास शामो की
सिसकियों में
भी जो मेरी
आवाज़ सुनना ..
तो बीते लम्हों को
याद करके
इन ही फिजाओं में

लौट
आना ..!!!

तुम
आया करते थे
ख्वाब बनकर ...
कभी महकता
गुलाब बनकर ...
मै खुश्क होंठों से
जब भी पुकारूँ ...
इन्ही अदाओं में

लौट आना ...!!!!

मेरी वफाओं को
पास रखना ...
मेरी दुआओं को

पास रखना ..
मै खाली हाथों को
जब भी उठाऊँ ...

मेरी दुआओं में लौट आना ....!!!

Wednesday, February 27, 2013

किसी का नाम लिखने से.....!!!

बड़े मासूम जज्बों से
वो अपने शोख हाथो पर
वफ़ा की
सुर्ख मेहंदी से
उसी का
नाम लिखती है ....!!!
जिसे वो प्यार
करती है .....

मगर वो
ना-समझ लड़की
अभी तक
ये नहीं समझी  .....

कि सपने
टूट जाएँ तो
बहुत
बर्बाद करते है ....!!!

ये उजले रंग
होंठों पर
कभी
ठहरा नहीं करते ....!!!

मोहब्बत तो
हकीकत है
कोई सपना नहीं होता ....!!!

किसी का
नाम लिखने से

कोई अपना नहीं होता ...!!!

Monday, February 11, 2013

एक जरा सी रंजिश से .....!!!

एक जरा सी रंजिश से .....
शक की ज़र्द टहनी पर  .....
फूल बदगुमानी  के ....
इस तरह से खिलते हैं ....

जिंदगी से प्यारे भी ....
अजनबी से लगते हैं .....!!!

गैर  बनके मिलते हैं ....
दोस्तदार लहजों में ....
सलवटें सी पड़ती हैं .....!!!

उम्र भर की चाहत का  ....
आसरा नहीं मिलता ...
दहशत -ऐ - बे यकीनी में
रास्ता नहीं मिलता .....!!!!
फूल रंग वादों की
मंजिले सिकुड़ती हैं ....!!!

राह मुड़ने लगती है ....
बेरुखी के गारे से ....
बे दिली की मिटटी से .....
फासलों की ईंटों  से ...
ईंट  जुड़ने लगती है ....!!!

खाक उड़ने लगती है ...
वहमों के सर्द साए से .....
उमर भर की मेहनत को ...
पल में तोड़ जाते हैं ...!!!
.
भीड़ में ज़माने की ..
साथ छोड़ जाते हैं ....
एक जरा सी रंजिश से ....
साथ छोड़ जाते हैं ...!!!

ख्वाब टूट जाते हैं ......!!!

Saturday, February 9, 2013

वो सपने बेहिसाब थे .....!!!

ना गिला है कोई
हालात से ..
ना शिकायते
तेरे जज्बात से ....

खुद ही
सारे वर्क जुदा हुए ...
मेरी
जिंदगी की किताब से ....

तुझे चाहा था ...
तुझे पा लिया ....
तुझे पा के भी
तुझे खो  दिया ....

मुझे
ख्वाहिशों की थी
आरज़ू ,....
मेरी जिन्दगी में
अजाब थे ...
मेरी वहशतों की राह में ..
फकत महफ़िलों की शराब थी .....
कटी उम्र
जिसकी तलाश में ...
मेरी रतजगों के
वही ख्वाब थे ...

यूँही भटक भटक के
तमाम उम्र
कभी असर ही न हुआ ....
.जिन्हें खो दिया ...
तेरे इश्क में ....
वो सपने
बेहिसाब थे .....!!!

Thursday, February 7, 2013

मत तन्हा तन्हा घबराना ...!!!!

सुनो .....!!!
जब पंछी सारे उड़ जाएँ
हर सिम्त
अँधेरा छा जाए
जब गुजरी बातें
याद आयें
और बीती बातें
तडपाये
मत  तन्हा तन्हा
घबराना ....
तुम पास हमारे
आ जाना ...

जब कोई दिन में
शाम करे ....
या
लब की हँसी
बदनाम करे ....                                                          

जब दर्द
सुकून का
नाम ना ले ......
या रातों की
नींद
हराम करे .......!!!
मत  तन्हा तन्हा
घबराना ....                                                           
तुम पास हमारे
आ जाना ...


दिल प्रीत हमारी
                                                                    
दुहराए .......
या रीत पुरानी
याद आये .....
जब
मिलने को भी
दिल चाहे .....
और प्यार
भरा दिल ना पाए ....
मत  तन्हा तन्हा
घबराना ....
तुम पास हमारे
आ जाना ...
....!!!!


Wednesday, January 23, 2013

अजब पागल सी लड़की है :पांचवीं क़िस्त ...!!!



अजब पागल सी लड़की है .....!!!

वो जब भी मुझसे मिलती है
मुझे हर बार कहती है .....
तेरे होने से
मेरी जात की तकमील होती है .....!!!
उसे क्या मालूम ....
मैं खिजाओं में घिरा आदम ....
मगर वो मुझसे कहती है ....
"नहीं तुम सा कोई दूजा "

अजब पागल सी लड़की है .....!!!

वो जब भी मुझसे मिलती है
नया एक नाम देती है ...
नई पहचान देती है ...
मेरे अन्दर के सब मौसम
बिना मेरे कहे ही
वो हमेशा जान जाती है ...!!!

मेरी पुरानी बात भी
वो हमेशा याद रखती है ....
मुझसे हर बार कहती है
तेरी कलम का लिखा हर सफा
मुझे सोने नहीं देता ...
मुझे शिकायतें है बचपन से
मगर ...
वो मुझको रोने नहीं देता ....!!!

अजब पागल सी लड़की है .....!!!

वो जब भी मुझसे मिलती है
तो फेरों मुझ को तकती है .....!!!
उसे हर रंग ,
जो मैंने हो पहना .....
अच्छा लगता है .....!!!
उसे हर ख्वाब जो
मैंने है देखा
सच्चा लगता है ...!!!

अजब पागल सी लड़की है .....!!!
वो जब भी मुझसे मिलती है
मुझे हर बार कहती है ....

तेरी मुस्कान
जनम-जिंदगी में
रंग भरती है ....
मुझे दुःख के अँधेरों में
कभी खोने नहीं देती
उसे मुझ को
मुझी को सोचने की
जाने क्या जिद है ....

हो दिन का कोई लम्हा
या रात का कोई पल हो ..
वो मुझ को सोचा करती है
मुझको ही याद रखती है ....!!!

अजब पागल सी लड़की है .....!!!
वो जब भी मुझसे मिलती है

अजब पागल सी लड़की है .....!!!
वो जब भी मुझसे मिलती है
हजार बार कहती है .....
मुझे तुमसे मोहब्बत ही नहीं ....
इश्क़ भी है जानम ....!!!
बस एक पल में वो
अपने आप को
मुझमे सौंप देती है ......
मैं उस पागल लड़की के लिए
अब और क्या लिखूं ...?

मुझे उसको बताना है
कि उस की मुस्कराहट पे
मैं दुनिया वार सकता हूँ ...
बस उसकी एक आहट पर
मैं जिंदगी हार सकता हूँ ..

मुझे उस से मोहब्बत है
मुझे भी इश्क है उस से .....!!!

अजब पागल सी लड़की है ..

Saturday, January 12, 2013

मोहब्बत जात होती है ....!!!






 मोहब्बत जात होती है ....!!!

मोहब्बत
जात की
तकमील
होती है ......
कोई
जंगल में जा ठहरे
किसी
बस्ती में बस जाए ...
मोहब्बत
साथ होती है ....!!!

मोहब्बत
,
खुशबुओं
की लय ...
मोहब्बत

मौसमों
की धुन,......

 मोहब्बत
अबसरून
के निखरते

पानीयों का हुस्न ...
मोहब्बत
जंगलों   में
राज
करते .,...
बनजारों
का तन ...
मोहब्बत
बरफ भरती सर्दियों में ....
धूप
बनती है ...
मोहब्बत

चिलचिलाते
गरम  साहिरा  में
ठण्डी
छांव की मानिंद .....                                           
मोहब्बत
दिल ..
मोहब्बत
जान ,,,
मोहब्बत
 रूह का दर्पण .....
मोहब्बत
मूर्ति है ....
और कभी जो
दिल
के मन्दिर में
कहीं
पर टूट जाये ....तो मोहब्बत ....
कांच
 की गुड़िया ....
फ़िजाओं
 में किसी के
हाथ
से गिर जाये तो  मोहब्बत
अबला
है कर्ब का ...!!!
और
फूट जाये तो
मोहब्बत
रोग होती है ....
मोहब्बत
सोग होती है ....
मोहब्बत शाम होती है ...
मोहब्बत
रात होती है .....

मोहब्बत झिलमिलाती आँख में .....
बरसात
होती है ...
मोहब्बत
नींद की रुत में ...
रतजगों
की घात होती है .....!!!
मोहब्बत
जीत होती है ...
मोहब्बत
मात होती है ...!!!

मोहब्बत
जात होती है ....!!!